Tuesday, May 29, 2018

शपथ-ए-हमराह

बुद्ध वंदना
नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स
नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स


त्रिशरणं
बुद्धं शरणं गच्छामि
धम्मं शरणं गच्छामि

संघं शरणं गच्छामि


पंचशीलं 
पाणातिपाता वेरमणी सिख्खापदं समादियामि
अदिन्नादाना वेरमणी सिख्खापदं समादियामि

कामेसुमिथ्याचारा वेरमणी  सिख्खापदं समादियामि

मुसावादा वेरमणी सिख्खापदं समादियामि
 
सुरामेरयमज्जपमादट्ठाना वेरमणी सिख्खापदं समादियामि

साधु, साधु, साधु

भारत का संविधान

उद्देशिका
"हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को :
सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय,
विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता,
प्रतिष्ठा और अवसर की समता
प्राप्त करने के लिए,
तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और
राष्ट्र की एकता और अखण्डता
सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढाने के लिए
दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई0 को एतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।"

बाबा साहेब द्वारा दिलाई गयी २२ प्रतिज्ञायें
(अक्टूबर १४, १९५६, दीक्षा-भूमि, नागपुर)
1.    मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश में कोई विश्वास नहीं करूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा
2.    मैं राम और कृष्ण, जो भगवान के अवतार माने जाते हैं, में कोई आस्था नहीं रखूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा
3.    मैं गौरी, गणपति और हिन्दुओं के अन्य देवी-देवताओं में आस्था नहीं रखूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा
4.    मैं भगवान के अवतार में विश्वास नहीं करता हूँ
5.    मैं यह नहीं मानता और न कभी मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे मैं इसे पागलपन और झूठा प्रचार-प्रसार मानता हूँ
6.    मैं श्रद्धा (श्राद्ध) में भाग नहीं लूँगा और न ही पिंड-दान दूँगा
7.    मैं बुद्ध के सिद्धांतों और उपदेशों का उल्लंघन करने वाले तरीके से कार्य नहीं करूँगा
8.    मैं ब्राह्मणों द्वारा निष्पादित होने वाले किसी भी समारोह को स्वीकार नहीं करूँगा
9.    मैं मनुष्य की समानता में विश्वास करता हूँ
10.   मैं समानता स्थापित करने का प्रयास करूँगा
11.   मैं बुद्ध के आष्टांगिक मार्ग का अनुशरण करूँगा
12.   मैं बुद्ध द्वारा निर्धारित परमितों का पालन करूँगा
13.   मैं सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया और प्यार भरी दयालुता रखूँगा तथा उनकी रक्षा करूँगा
14.   मैं चोरी नहीं करूँगा
15.   मैं झूठ नहीं बोलूँगा
16.   मैं कामुक पापों को नहीं करूँगा
17.   मैं शराब, ड्रग्स जैसे मादक पदार्थों का सेवन नहीं करूँगा
18.   मैं महान आष्टांगिक मार्ग के पालन का प्रयास करूँगा एवं सहानुभूति और प्यार भरी दयालुता का दैनिक जीवन में अभ्यास करूँगा
19.   मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ जो मानवता के लिए हानिकारक है और उन्नति और मानवता के विकास में बाधक है क्योंकि यह असमानता पर आधारित है, और स्व-धर्मं के रूप में बौद्ध धर्म को अपनाता हूँ
20.   मैं दृढ़ता के साथ यह विश्वास करता हूँ की बुद्ध का धम्म ही सच्चा धर्म है
21.   मुझे विश्वास है कि मैं फिर से जन्म ले रहा हूँ (इस धर्म परिवर्तन के द्वारा)
22.   मैं गंभीरता एवं दृढ़ता के साथ घोषित करता हूँ कि मैं इसके (धर्म परिवर्तन के) बाद अपने जीवन का बुद्ध के सिद्धांतों व शिक्षाओं एवं उनके धम्म के अनुसार मार्गदर्शन करूँगा

शपथ-ए-हमराह
मै,……….., अपने मूलभूत मानवाधिकारों के तहत तथागत गौतम बुद्ध, बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर और अन्य सभी बहुजन महानायकों एवं महनायिकाओं के नाम पर यहाँ उपस्थित समस्त जनमानस को साक्षी मानकर……….को अपने जीवन-साथी के रूप में स्वीकार करती / करता हूँ, मै प्रतिज्ञा करती / करता हूँ कि मै जीवन-साथी के इस रिश्ते के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूँगी / रखूँगा, मैं……….के मानवाधिकारों का सम्यक सम्मान करते हुए……….के जीवनसाथी के रूप में अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक और शुद्ध अंतःकरण से निर्वहन करूँगी / करूँगा


रजनीकान्त इन्द्रा
(परिणय विधि)